अमलान गोस्वामी

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amlan

प्रमुख – विधिक और विनियमन
agoswami at iihs dot co dot in

शिक्षाः
एलएलएम., हार्वर्ड लॉ स्कूल; एलएलबी., बी.ए. (समाजशास्त्र), दिल्ली विश्वविद्यालय


अकादमिक कार्य एवं शोध
उन्होंने नगरीय अभ्यास (प्रैक्टिस) में प्रस्तावित आईआईएचएस मॉस्टर्स (एमयूपी) कार्यक्रम के लिए विधि एवं अभिशासन संकेंद्रण के विकास का सहनेतृत्व किया। अमलान ने भू अर्जन, विकेंद्रीकरण एवं ज्ञान मीमांसाओं में शोध सहित विधि, नीति एवं अभिशासन पर कार्य किया है। उनकी रूचि नगरीय सिद्धांत के प्रश्नों, वैधता, तथा स्थान, राजनीति एवं संस्कृति से इसके संबंधों में है। उनका हाल का अनुसंधान एवं शिक्षण कार्य नगरीय भूमि की राजनैतिक अर्थव्यवस्था एवं भूमि विनियमन, तथा इसके साथ नगरीय विकास को अभिशासित करने वाले विधिक और विनियामकीय ढांचे पर है। वे इस प्रकार के प्रश्नों में रूचि रखते हैं जो स्थान, दैनिक जीवन की व्याख्यात्मक समझ (जैसे कि सड़कों पर सामान बेचना, और बेचने वाले) से संबंधित हैं, तथा यह कि किस प्रकार से सामाजिक विनिर्माण एवं विधि की कल्पनाएं सैद्धांतिक और व्यावहारिक रूप से ऐसी समझ से अवगत करा सकती हैं।

अभ्यास (प्रैक्टिस)
अमलान को एक दशक का अंतर्राष्ट्रीय तथा घरेलू विनियामकीय, नीतिगत एवं विधिक अनुभव प्राप्त है और उन्होंने वाशिंगटन डीसी में विश्व बैंक के साथ परामर्श किया है; भारत की सबसे बड़ी विधिक अभ्यास (फर्म) अमरचंद मंगलदास की बैंकिंग और वित्त टीम में कार्य किया है; तथा भारत के सर्वोच्च न्यायालय में हरीश साल्वे के चैम्बर में संवैधानिक, पर्यावरणीय विधि एवं संविदा विधि पर अभ्यास किया है। पर्यावरण एवं वानिकी के येल स्कूल में उन्होंने भूतपूर्व डीन तथा यूएनडीपी प्रशासक जेम्स गस स्पेठ को वैश्विक पर्यावरणीय अभिशासन पर पुस्तक में भी सहायता प्रदान की।

अमलान ने बाद में भारत के प्रधानमंत्री द्वारा गठित तथा सैम पित्रोदा की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के साथ कार्य किया, जहां उन्होंने उच्चतर शिक्षा, विधिक शिक्षा, आईपीआर एवं पारम्परिक ज्ञान से संबंधित अनुशंसाओं पर कार्य करने के अतिरिक्त ‘भारत में उद्यमिता’ तथा ‘भारत में नवप्रवर्तन’ पर समग्र रिपोर्टों का प्रारूप तैयार किया।

आईआईएचएस में वे उपयुक्त विधिक एवं विनियामकीय रूपरेखाओं के निर्माण की प्रक्रिया एवं भारत में प्रमुख सेक्टरों, जिनमें नगरीय विकास, भूमि एवं आवासन, पालिका संस्थान, आजीविका के मसले तथा उच्चतर शिक्षा शामिल है, के संस्थागत सेक्टर विकास को सक्षम बनाने की प्रक्रिया का पर्यवेक्षण करते हैं। वे प्रमुख उच्चतर शिक्षा सेक्टर सुधार विधेयकों, तथा संस्थागत सुधार का मार्ग विकसित करने हेतु परामर्श देने के लिए उत्तरदायी हैं; वे दिल्ली नगर निगम (डीएमसी) विधेयक का पुनः प्रारूप तैयार करने में सहायता दे रहे हैं; कर्नाटक शहरी एवं ग्रामीण नियोजन (केटीसीपी) अधिनियम के पुनरीक्षण तथा सांस्कृतिक और रचनात्मक आर्थिकी के मसलों हेतु इनपुट प्रदान करने; तथा बारहवीं योजना पर योजना आयोग को नीतिगत इनपुट प्रदान करने में भूमिका निभा रहे हैं।

सम्मानः
इनलैक्स स्कॉलर 2005, एशिया 21 फेलो, 2007, विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, समाजशास्त्र, 1999, प्रथम श्रेणी प्रथम स्थिति, कैम्पस लॉ सेंटर, 2002

शिक्षणः
नगरीय क्षेत्रों में विधि एवं प्रशासन, भूमि एवं आर्थिक विकास I और II, आवासन की प्रविधियां

प्रकाशनः
चैप्टर्स, वर्किंग पेपर्सः
‘भारत में उच्चतर शिक्षा तथा निजी वित्तपोषित विश्वविद्यालयी शिक्षाः एक दूरदृष्टि की ओर?’ (इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट, 2012) प्रकाशित 2013
http://www.idfc.com/pdf/report/2012/Chapter_17.pdf

आईआईएचएस वर्किंग पेपर्स:
‘Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement: Law and Politics’ (2012)

लिखित रिपोर्टें:
‘भारत में नवप्रवर्तन’, राष्ट्रीय ज्ञान आयोग
http://knowledgecommission.gov.in/downloads/documents/NKC_Innovation.pdf

भारत में उद्यमिता, राष्ट्रीय ज्ञान आयोग
http://knowledgecommission.gov.in/downloads/documents/NKC_Entrepreneurship.pdf

पुस्तक समीक्षाः
http://www.indianhighereducation.org/Agarwal_CED.PDF

चयनित समाचारपत्र Op-ed:
‘धुंधले सत्य, दि टेलीग्राफ’
http://www.telegraphindia.com/1120203/jsp/opinion/story_15082854.jsp

‘दि प्लॉट थिकेन्स, दि फाइनेंशियल एक्सप्रेस’
http://www.financialexpress.com/news/column-the-plot-thickens/882510< [/av_textblock] [/av_one_full]