यू.सी.एल.

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यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यू.सी.एल.) लंदन में स्थित एक विश्व स्तर का शोध और शिक्षण संस्थान है। 1826 में स्थापित, यह जीवन के सभी क्षेत्रों से लोगों को अपने खुद के विकास में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सक्षम बनाने के एकमात्र मिशन के साथ ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज के बाद इंग्लैंड में स्थापित पहला विश्वविद्यालय है।

यू.सी.एल. की शोध रणनीति – विश्व स्वास्थ्य, स्थायी नगर, अंतर-सांस्कृतिक (इंटरकल्चरल) आपसी बातचीत और मानव कल्याण को चार विशाल चुनौतियों परिभाषित करती है – जो ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें वैश्विक महत्व की समस्याओं को दूर करने के लिए अतः अनुशासनिक (क्रॉस  डिस्प्लिनेरी) अंतरानुभाग (इंटरसेक्शन) सहयोग को आसान बनाया जाना चाहिए।

डी.पी.यू.

50 साल पहले स्थापित डिवेलपमेंट यूनिट (डी.पी.यू.), यू.सी.एल. में 70 शैक्षणिक विभागों और संस्थानों में से निर्मित पर्यावरण (बिल्ट एन्वायरनमेंट) की फैकल्टी (बार्टलेट) के पाँच स्कूलों में से एक है।

डी.पी.यू. अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व में शहरी और क्षेत्रीय विकास के क्षेत्र में अकादमिक शिक्षण, शोध, क्षमता निर्माण और सलाहकार कार्य में विशेषज्ञता का एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र है। डी.पी.यू. ने प्रचलित ज्ञान को चुनौती दी और विकास से लेकर, शहरी और क्षेत्रीय नीति और नियोजन के लिए नए तरीकों की खोज की। इसका तेजी से बढ़ते शहरीकरण और नीति, मानव बस्तियों की, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक आकाशीय और पर्यावरण विकास के नियोजन और प्रबंधन प्रतिक्रियाओं की प्रक्रिया को समझने के साथ सीधा  संबंध है।

भारत के साथ संबंध

1957 से वर्तमान तक, इसके पहले निदेशक, प्रोफेसर ओटो कोएनिंग्सबर्जर (Otto Koenigsberger) के भारतीय शहरीकरण के साथ जुड़ाव से शुरू हो, डी.पी.यू. का भारत में काम के साथ एक लंबा संबंध है।  भारत से स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट छात्रों की एक सतत धारा भारतीय शहरों पर शोध करने के लिए डी.पी.यू. के माध्यम से आती है। इसके द्वारा आवास और शहरी विकास नीति और नियोजन में क्षमता निर्माण और सलाहकारी काम भी उपलब्ध कराया गया है।

आई.आई.एच.एस. पाठ्यक्रम सह-निर्माण

डी.पी.यू. ने आई.आई.एच.एस. पाठ्यक्रम सह-विकास के लिए मुख्य यूरोपीय भागीदार के रूप में काम किया है। यह पाठ्यक्रम और निष्कासन और शहरी अनौपचारिकता, पेरी-शहरी विकास, आजीविका, शहरी कृषि, जेंडर, विकास और शहरी सामाजिक आंदोलनों के अलग अलग विषयों के विकास में भाग लिया है।