चंद्रशेखर बी. भावे

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Chandrasekhar Bhaveचंद्रशेखर बी. भावे दि इंडियन इंस्टीट्‌यूट फॉर ह्‌यूमन सेटलमेन्ट्‌स (आईआईएचएस) के कार्यकारी अध्‍यक्ष हैं- जो शिक्षा, शोध, परामर्श व सलाहकार सेवाओं के एकीकृत कार्यक्रम के माध्‍यम से शहरीकरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत का पहला भावी राष्‍ट्रीय अनुसंधान एवं नवाचार विश्‍वविद्यालय है।

शिक्षा:
इनके पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्‍नातक की डिग्री है।

कैरियर विशेषताएं

चंद्रशेखर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), 2008 से 2011 तक भारतीय पूंजी बाजार नियामक के अध्‍यक्ष थे। वे इस अवधि में एशिया प्रशांत क्षेत्रीय समिति के सभापति और आईओएससीओ की तकनीकी एवं कार्यकारी समितियों के सदस्‍य भी थे।

चंद्रशेखर ने अपने कैरियर की शुरूआत 1975 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में की। वह नांदेड़ में कलेक्‍टर थे और उन्‍होंने महाराष्‍ट्र सरकार के वित्‍त एवं उद्योग विभाग तथा भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय में कार्य किया। इसके बाद उन्‍होंने सेबी में वरिष्‍ठ कार्यकारी निदेशक के रूप में 1992 से 1996 तक कार्य किया, उन्‍होंने भारतीय पूंजी बाजार के लिए नियामक बुनियादी ढांचा तैयार करने में मदद की।

उसके बाद चंद्रशेखर ने 1996 में राष्‍ट्रीय प्रतिभूति डिपॉजिटरी (एनएसडीएल) की स्‍थापना करने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा छोड़ दी और 1996 से 2008 तक इसके अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रहे। एनएसडीएल भारत का पहला डिपॉजिटरी था और 1996 में चालू हो गया- भारतीय शेयर बाजारों में भुगतान आज कागजरहित प्रपत्र में होते हैं। एनएसडीएल को भारत सरकार की कर सूचना प्रणाली और नई पेंशन स्‍कीम के लिए सेंट्रल रिकार्ड कीपिंग सिस्‍टम स्‍थापित करने का कार्य सौंपा गया था।

पुरस्‍कार एवं सम्‍मान

चंद्रशेखर सेबी के अपने प्रबंधन और राष्‍ट्रीय प्रतिभूति डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के प्रमुख के रूप में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं जो अमूर्त शेयरों एवं डिबेंचरों की नयी प्रणाली स्‍वीकार करने के लिए बाजार कंपनियां प्रदान करके भारतीय पूंजी बाजार में क्रांति लाने के लिए जिम्‍मेदार थी। उन्‍होंने परिवार कल्‍याण और प्रशासन में उत्‍कृष्‍टता के क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए महाराष्‍ट्र सरकार से पुरस्‍कार भी जीता।

चंद्रशेखर कई पेशों से जुड़े हैं जिनमें शामिल हैं:

  • पब्लिक इंटरेस्‍ट ओवरसाइट बोर्ड (पीआईओबी), मैड्रिड के बोर्ड के सदस्‍य, जो सार्वजनिक हित के दृष्टिकोण से इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एकाउंटेंट्स के मानक स्‍थापित करने वाले निकायों के कार्य की निगरानी करता है।
  • सिटी ऑफ लंदन एडवाइजरी काउंसिल फॉर इंडिया के सदस्‍य।
  • आईएफआरएस फाउंडेशन, लंदन के ट्रस्‍टी जो अंतरराष्‍ट्रीय लेखा मानक बोर्ड की देखरेख करता है।