साइरस गुजदर

Cyrus-guzderसाइरस गुजदर आईआईएचएस बोर्ड में एक सदस्‍य के रूप में कार्य करते हैं।

शिक्षा:
साइरस ने ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज विश्‍वविद्यालय से अर्थशास्‍त्र एवं ओरिएंटल स्‍टडीज में मास्‍टर डिग्री के साथ स्‍नातक किया है।

कैरियर विशेषताएं

साइरस ने 1967 में आईसीआईसीआई के साथ अपना कैरियर शुरू किया, इसके पश्चात वे 1969 में एएफएल प्राइ‍वेट लिमिटेड में गए, जो तत्समय एयरफ्रेट लिमिटेड के नाम से ज्ञात थी । 1985 के बाद वह संगठन के अध्‍यक्ष और प्रबंध निदेशक हो गए। 2001 तक 25 वर्षों तक उन्‍होंने भारत में डीएचएल वर्ल्‍डवाइड एक्‍सप्रेस ऑपरेशनों का और उसके बाद एएफएल प्राइवेट लिमिटेड के 100 प्रतिशत स्‍वामित्‍व वाले व्‍यापार प्रभाग का नेतृत्‍व किया। इसके अलावा वे एयर इंडिया, टाटा इंफोमीडिया, टाटा हनीवेल और अल्‍फा लावल सहित कई अन्‍य कंपनियों के बोर्ड निदेशक रहें। वे 1993 से 97 तक भारतीय सलाहकार बोर्ड, बार्कलेज बैंक पीएलसी, भारत के सदस्‍य थे। वे भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), परिवहन और रसद पर राष्‍ट्रीय समिति के अध्‍यक्ष भी थे।

साइरस ने अध्‍यक्ष, एयर कार्गो एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, 1977-79; अध्‍यक्ष, ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, 1983-85; निदेशक, मोनाको स्थित यूनिवर्सल फेडरेशन ऑफ ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन (यूएफटीएए), 1886-93; चेयरमैन, एक्‍सप्रेस इंडस्‍ट्री काउंसिल ऑफ इंडिया, 1987-92; और संस्‍थापक सदस्‍य, वर्ल्‍ड ट्रैवल एंड टूरिज्‍म काउंसिल (डब्‍ल्‍यूटीटीसी), इंडिया इनिशिएटिव जैसे मुख्‍य औद्योगिक अग्रणी पदों पर कार्य किया।

और अब वह बैंकिंग कोड्स एंड स्‍टैंडर्ड बोर्ड ऑफ इंडिया (बीसीएसबीआई) के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बोर्ड के गवर्नरों के बोर्ड के सदस्‍य और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ऑफ दि इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टैक्‍नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, ग्‍वालियर के सदस्‍य हैं।

उन्‍होंने बीपी (इंडिया) लिमिटेड, दि ग्रेट ईस्‍टर्न शिपिंग कंपनी लिमिटेड, महिंद्रा हॉलीडेज एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड और कार्लसन वाजगोनलिट ट्रैवल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के बोर्ड निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा साइरस मुम्‍बई और पश्चिमी भारत के लिए आयरलैंड गणराज्‍य के मानद महावाणिज्‍यदूत हैं।

पसंदीदा क्षेत्र

व्‍यवसाय से परे, साइरस लोक महत्‍व के कई हितों के साथ जुड़े हुए हैं और लोक चिंता के मुद्दों पर उनके स्‍पष्‍ट विचार हैं। उन्‍होंने बॉम्‍बे पर्यावरण कार्य समूह की सह स्‍थापना की जिसने मुम्‍बई में पर्यावरण संरक्षण के लिए कई लोक हित मुकदमों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया।  पूर्व में बॉम्‍बे नेचुरल हिस्‍ट्री सोसाइटी के कार्यकारी समिति सदस्‍य के रूप में, वह पश्चिमी भारत के महत्‍वपूर्ण पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्रों महाबलेश्‍वर और माथेरॉन में प्राकृतिक वास की सुरक्षा करने में सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।

एक सक्रिय धरोहर संरक्षणकर्ता के रूप में उन्‍होंने मुम्‍बई में इंडियन हेरिटेज सोसाइटी के प्रथम चैप्‍टर और उसके बाद मुम्‍बई चैप्‍टर ऑफ इनटैक की स्‍थापना की। बृहद् मुम्‍बई नगर निगम (बीएमसी) की मुम्‍बई शहर धरोहर संरक्षण समिति के सदस्‍य के रूप में, उन्‍होंने मुम्‍बई में ऐतिहासिक इमारतों और परिसरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभायी।

साइरस छत्रपति शिवाजी महाराज वास्‍तु संग्रहालय (पूर्व में प्रिंस ऑफ वेल्‍स म्‍यूजियम के नाम से जाना जाता था) के महाराष्‍ट्र सरकार द्वारा नामित पूर्व न्‍यासी हैं। वह  मुम्‍बई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण विरासत संरक्षण सोसायटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के पूर्व सदस्‍य भी थे।