राहुल मेहरोत्रा

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Rahul Mehrotraराहुल अर्बन डिजाइन एंड प्‍लानिंग के प्रोफेसर और डिपार्टमेंट ऑफ अर्बन प्‍लानिंग एंड डिजाइन के अध्‍यक्ष हैं। वह पेशे से वास्‍तुकार, नगरीय डिजाइनर और शिक्षक हैं। वह हार्वर्ड में साउथ एशिया इनिशिएटिव की स्‍टीयरिंग कमेटी के सदस्‍य हैं और नगरीयकरण पर उनकी श्रृंखला को व्‍यवस्थित करते हैं।

शिक्षा:
राहुल ने अहमदाबाद के स्‍कूल ऑफ आर्किटेक्‍चर में अध्‍ययन किया और अपने स्‍नातक शोध-निबंध के लिए स्‍वर्ण पदक अर्जित किया। 1987 में, उन्‍होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट स्‍कूल ऑफ डिजाइन से विशिष्‍टता के साथ अर्बन डिजाइन में परास्‍नातक की उपाधि प्राप्‍त की।

कैरियर के मुख्‍य बिन्‍दु

राहुल मेहरोत्रा एसोसिएट्स के कार्यालय की स्‍थापना अगस्‍त 1990 में की गई और तब से इसने जिन परियोजनाओं की डिजाइन और कार्यान्वित किया है उनमें घर, फैक्‍टरियां, संस्‍थान और कार्यालयी इमारतें शामिल हैं। इसके अतिरिक्‍त, पेशे में बॉम्‍बे शहर में परियोजनाओं का संरक्षण और सर्वश्रेष्‍ठ नियोजन को भी शामिल किया गया है, जिसके द्वारा आंतरिक डिजाइन और वास्‍तु से लेकर नगरीय डिजाइन, संरक्षण और नियोजन तक विविध मुद्दों वाले परिवर्तनशील पैमानों पर कार्य किया गया।

अन्‍य चीजों के मध्‍य, कोयम्‍बटूर में एलएमडब्‍ल्‍यू कॉर्पोरेट कार्यालय, न्‍यू बॉम्‍बे में चिल्‍ड्रन ऑफ द वर्ल्‍ड के लिए एक अनाथालय, कोयम्‍बटूर में डी.जे. इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बॉम्‍बे में प्रिंस ऑफ वेल्‍स म्‍यूजियम के विस्तार, तुल्‍जापुर में रूरल डेवलपमेंट इंस्‍टीट्यूट और श्रवण-बाधित बच्‍चों के लिए एक स्‍कूल  के निर्माण में उनके कार्य के लिए भी उन्‍हें श्रेय जाता है।

पुरस्‍कार एवं सम्‍मान

राहुल मेहरोत्रा एसोसिएट्स की परियोजनाओं को भारत और विदेश में विभिन्‍न वास्‍तु-पत्रिकाओं में विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। 1995 में, इंटीरियर्स इंडिया ने राहुल को ‘डिजाइनर ऑफ द ईयर’ नामांकित किया। 1996 में, आर्किटेक्‍चरल डिजाइन (लंदन) ने राहुल मेहरोत्रा एसोसिएट्स को उनके अंक जिसका शीर्षक ‘आर्किटेक्‍चरल ऑन द हॉरिजन’ था, के लिए चयनित किया। फैडन ने कंटेम्‍पोरेरी वर्ल्‍ड आर्किटेक्‍चरल (मई 2004) पर उनके इनसाक्‍लोपीडिया में समावेशन के लिए राहुल द्वारा डिजाइन की गई दो परियोजनाओं को चयनित किया। फर्म की परियोजनाओं को मुम्‍बई से लेकर टर्की तक पूरी दुनिया की गैलरियों में प्रदर्शित किया गया है।

क्षेत्र एवं अभिरुचि

राहुल को हमेशा से धरोहर इमारतों के संरक्षण के प्रति उत्‍साह रहा है और है। 1995 में, उन्‍होंने एक संरक्षण वास्‍तु कार्य की शुरुआत की जिसे ‘बाम्‍बे कोलेबोरेटिव’ कहते हैं। वह बाम्‍बे इनवायर्नमेंट एक्‍शन ग्रुप, इनटैक (INTACH), द वर्ल्‍ड मॉन्‍युमेंट फंड (न्‍यूयार्क), द ओरिएंट फाउंडेशन,(पुर्तगाल), आर्क फाउंडेशन, (ऑस्ट्रिया), और बम्‍बई के विभिन्‍न पड़ोसी और नागरिक समूहों जैसे संगठनों के लिए सलाहकार भी रहे हैं। 1996 से 2006 तक, वह बॉम्‍बे मेट्रोपॉलिटन रिजनल डेवलपमेंट एथॉरिटी के धरोहर समाज के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में भी रहे हैं। राहुल ने बम्‍बई, अहमदाबाद और हैदराबाद की धरोहर इमारतों में शामिल कई अनुकूल पुन:उपयोग वाली परियोजनाओं पर भी कार्य किया है।

प्रकाशन

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पंकज जोशी, अर्बन डिजाइन रिसर्च इंस्‍टीट्यूट, अनिरुद्ध पॉल , कमला रहेजा विद्यानिधि इंस्‍टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्‍चर एंड इनवायर्नमेंटल स्‍टडीज (बम्‍बई, भारत) के साथ सह-लेखक