राकेश मोहन

Rakesh Mohanडा. राकेश मोहन IIHS के उपाध्‍यक्ष हैं।

शिक्षा:
राकेश ने येल विश्‍वविद्यालय से अर्थशास्‍त्र में स्‍नातक किया। इन्‍होंने लंदन विश्‍वविद्यालय के इम्‍पीरियल कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्‍नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में भी स्‍नातक किया। उन्‍होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्‍त्र में अपनी परास्‍नातक उपाधि एवं डाक्‍टरेट अर्जित की।

कैरियर के मुख्‍य बिन्‍दु

राकेश ने अपने पेशेवर कैरियर की शुरुआत 1976 में वर्ल्‍ड बैंक में डेवलपमेंट इकोनॉमिक्‍स डिपार्टमेंट में एक अर्थशास्‍त्री के रूप में की और विकासशील देशों के लिए नगरीय अर्थशास्‍त्र पर व्‍यापक रूप से कार्य किया।

वर्तमान में, IIHS में उपाध्‍यक्ष के रूप में अपनी भूमिका के अतिरिक्‍त, राकेश प्रैक्टिस ऑफ इंटरनेशनल इकोनॉमिक्‍स एंड फाइनेंस, येल स्‍कूल ऑफ मैनेजमेंट में एक प्रोफेसर और जुलाई 2010 से जैकसन इंस्‍टीट्यूट ऑफ ग्‍लोबल अफेयर्स, येल विश्‍वविद्यालय के सीनियर फेलो हैं। वह भारत-सरकार की राष्‍ट्रीय परिवहन विकास नीति समिति के अध्‍यक्ष हैं। इसके अलावा, वह मैककिंसी एंड कंपनी में वैश्विक सलाहकार भी हैं।

राकेश ने भारतीय रिजर्व बैंक के उप-गवर्नर (सितम्‍बर 2002 से अक्‍टूबर 2004 तक और जुलाई 2005 से जून 2009 तक) के रूप में सेवा की है।

राकेश ने हाल ही में भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आयोजित ‘’वित्‍तीय क्षेत्र के मूल्‍यांकन की समिति’’ (2009) की उपाध्‍यक्षता की। उन्‍होंने कार्यकारी समूह ‘’इनहैंसिंग साउंड रेग्‍युलेशन एंड स्‍ट्रेंथनिंग ट्रांसपैरेंसी‘’ (2009) की भी उपाध्‍यक्षता की। उन्‍होंने ग्‍लोबल फाइनेंशियल सिस्‍टम की समिति (CGFS), बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) द्वारा आयोजित ‘’पूंजी प्रवाह एवं विपणन अर्थव्‍यवस्‍थाओं के उदय’’ पर गठित कार्यकारी समूह की अध्‍यक्षता की।

हाल ही में उन्‍हें आईएमएफ (IMF) का कार्यकारी निदेशक नियुक्‍त किया गया है।

क्षेत्र एवं अभिरुचि

राकेश मोहन ने आर्थिक सुधारों और उदारीकरण, औद्योगिक अर्थशास्‍त्र, नगरीय अर्थशास्‍त्र, आधारभूत अध्‍ययन, आर्थिक विनियमन, मौद्रिक नीति और वित्‍तीय सेक्‍टर के क्षेत्रों में व्‍यापक रूप से अनुसंधान किया है। वह नगरीय अर्थशास्‍त्र और नगरीय विकास पर तीन पुस्‍तकों के लेखक तथा एक के सह-लेखक एवं भारतीय आर्थिक नीति सुधार व असंख्‍य लेखों के संपादक भी हैं।

प्रकाशन

राकेश की नवीनतम पुस्‍तक ‘’भारत की अर्थव्‍यवस्‍था: प्रदर्शन और चुनौतियां’’ (शंकर आचार्य के साथ संपादित) (ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2010) है, जिसमें मोंटेक सिंह अहलुवालिया के सम्‍मान में निबन्‍ध दिए गए हैं।