अंतर्राष्ट्रीय नीति एवं अभ्यास (प्रैक्टिस)

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धारणीय विकास समाधान नेटवर्क (यूएन-एसडीएसएन)- धारणीय नगरों पर थीमैटिक समूह के सह-अध्यक्ष

प्रैक्टिस के क्षेत्रः धारणीय नगरीय विकास, लोचशीलता नियोजन
साझेदार एवं क्लाइंट्‌सः संयुक्त राष्ट्र धारणीय विकास समाधान नेटवर्क (यूएन-एसडीएसएन)


जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (आईपीसीसी) की मूल्यांकन रिपोर्ट 5: नगरीय अनुकूलन पर प्रमुख लेखक का समन्वयन
रॉकफेलर फाउंडेशन के सहयोग के साथ आईआईएचएस की एक टीम ने, नगरीय अनुकूलन के मूल्यांकन पर आईपीसीसी की पांचवीं मूल्यांकन रिपोर्ट में योगदान किया है। यह अध्याय, नगरीय केंद्रों पर जलवायु परिवर्तन के प्रेरकों एवं प्रभावों, उनकी (केंद्रों की) जनसंख्या और अर्थव्यवस्थाओं के वर्तमान वैज्ञानिक ज्ञान का मूल्यांकन करता है; इन परिवर्तनों से अनुकूलन  करने के लिए (विशेषकर भेद्य समूहों को सुरक्षित करने के लिए) रणनीतियों और उपायों को चिन्हित करता है; और इसे सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक संस्थागत एवं प्रशासनिक बदलावों का मानचित्रण करता है। इस अध्याय में अकादमिक और शोध संस्थानों, नीतिनिर्माताओं और नगरीय प्रशासकों, निजी क्षेत्र तथा नागरिक समाज आदि द्वारा जलवायु परिवर्तन अनुकूलन की दिशा में किए गए अनुसंधान तथा कार्यवाही, और विश्व भर के नगरों में रूपांतरणकारी विकास की वैश्विक समीक्षा की गई है। न्यूयार्क, डरबन, लंदन और दार-अस-सलाम के केस अध्ययन प्रस्तुत किए गए हैं।

प्रैक्टिस के क्षेत्रः धारणीय नगरीय विकास, लोचशीलता नियोजन
साझेदार एवं क्लाइंट्‌सः संयुक्त राष्ट्र धारणीय विकास समाधान नेटवर्क (यूएन-एसडीएसएन)


आपदा जोखिम के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की अंतर्राष्ट्रीय रणनीति (यूएनआईएसडीआर)-जोखिम का वैश्विक मूल्यांकन 2011 और 2013
आपदा जोखिम घटोत्तरी पर वैश्विक मूल्यांकन रिपोर्ट (जीएआर) यूएनआईएसडीआर द्वारा आपदा जोखिम घटोत्तरी का द्विवार्षिक वैश्विक मूल्यांकन तथा मानवता को प्रभावित करने वाले प्राकृतिक संकटों की समग्र समीक्षा और विश्लेषण है। जीएआर, आपदा जोखिम घटोत्तरी में जोखिम पैटर्नों, रूझानों व प्रगति की निगरानी द्वारा ह्‌योगो कार्यवाही रूपरेखा की प्राप्ति में योगदान करता है तथा देशों व अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को रणनीतिक नीतिगत मार्गदर्शन प्रदान करता है। आईआईएचएस, जीएआर के लिए परामर्शी बोर्ड के रूप में कार्य करता है और ‘निजी क्षेत्र की भूमिका तथा आपदा जोखिम घटोत्तरी’ विषय पर एक अनुसंधान अध्ययन के माध्यम से जीएआर प्रक्रिया को सपोर्ट किया है। इस अध्ययन में दिल्ली में बड़े पैमाने वाली नगरीय परियोजनाएं क्रियान्वित करने वाले चार कार्यकर्ताओं-डीएमआरसी, डीएनडी, डीआईएएल, डीएलएफ-का द्वितीयक शोध एवं प्राथमिक सर्वेक्षणों, मूल्यांकनों एवं साक्षात्कारों के माध्यम से विश्लेषण सम्मिलित किया गया है।

प्रैक्टिस के क्षेत्रः आपदा जोखिम घटोत्तरी, सार्वजनिक निजी साझेदारी
साझेदार एवं क्लाइंट्‌सः आपदा जोखिम हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ की अंतर्राष्ट्रीय रणनीति (यूएनआईएसडीआर)


 ओईसीडी/विश्व बैंक/यूएनईपीः अंतर्राष्ट्रीय हरित संवृद्धि ज्ञान प्लेटफार्म
हरित संवृद्धि ज्ञान प्लेटफार्म शोधकर्ताओं एवं विकास विशेषज्ञों का एक वैश्विक नेटवर्क है जो हरित संवृद्धि सिद्धांत एवं व्यवहार में बड़े ज्ञान अंतरालों का चिन्हांकन एवं समाधान करता है। व्यापक परामर्श एवं शोध के माध्यम से जीजीकेपी, वृत्तिकारों एवं नीतिनिर्माताओं को आर्थिक संवृद्धि सुदृढ़ बनाने एवं धारणीय विकास क्रियान्वित करने के लिए बेहतर टूल्स उपलब्ध कराता है। आईआईएचएस जीजीकेपी परामर्शी समिति (एसी) को सेवा प्रदान करता है जिसमें हरित संवृद्धि शोध एवं अभ्यास से संबंधित गहन तकनीकी तथा/या नीतिगत अनुभव वाले विशेषज्ञ शामिल हैं।

प्रैक्टिस के क्षेत्रः हरित संवृद्धि, लोचशीलता नियोजन, धारणीय नगरीय विकास
साझेदार एवं क्लाइंट्‌सः विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी), आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी), हरित संवृद्धि ज्ञान प्लेटफार्म (जीजीकेपी)