साझेदारियां

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नगरीय ज्ञान नेटवर्क एशिया (UKNA)

IIHS, ईयू से वित्तपोषित नगरीय ज्ञान नेटवर्क एशिया (UKNA) में एक मुख्य साझेदार संस्थान है, जो एशियाई नगरों पर सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक नेटवर्क है जिसमें यूरोप, चीन, भारत और संयुक्त राज्य के 13 विश्वविद्यालयों व अनुसंधान संस्थानों के 100 से अधिक अध्येता शामिल हैं। IIHS अन्य UKNA साझेदार संस्थानों के साथ नए ज्ञान के सृजन व प्रसार में सक्रिय रूप से संलग्न है। UKNA मिशन के भाग के रूप में IIHS अनेक यूरोपीय अकादमिक संस्थानों के साथ संकाय विनिमय कार्यक्रम में भी भागीदारी कर रहा है जिसमें टीयू डेल्फ और यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन शामिल हैं।

इंडो-स्विस संकाय विनिमय कार्यक्रम

IIHS संकाय की एक टीम ने, नगरीय धारणीयता पर फोकस करते हुए इकोले पॉलीटेक्निक फेडेरेल डे लॉसेन (EPFL) के साथ एक संकाय विनिमय कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भारतीय व स्विस सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तावित प्रतिस्पर्धी अनुदान प्राप्त किया है। IIHS की टीम इसका परीक्षण करेगी कि किस तरह से आर्थिक संवृद्धि व विकास के लक्ष्य, नगरीय क्षेत्रों हेतु पर्यावरणीय धारणीय नियोजन के साथ एकीकृत किए जा सकते हैं। विशेष रूप से, IIHS संकाय इसका अवलोकन करेगा कि इसकी प्राप्ति के लिए किस तरह से सरकार के विभिन्न स्तर परस्पर, तथा निजी क्षेत्र के साथ मिलकर कार्य करते हैं। स्विस टीम का फोकस निम्न एवं मध्यम आय वर्ग वाले देशों में तीन प्रमुख शोध क्षेत्रों पर होगाः नगरीय नियोजन में सामाजिक संघर्षों की समस्या हल करने के लिए स्विस सहभागी नियोजन उपागम की प्रयोज्यनीयता का परीक्षण, मध्यवर्ती नगरों की संवृद्धि व विकास का अध्ययन, तथा ‘स्मार्ट नगरों’ व कमजोर पूर्व नियोजन के बीच संघर्ष का परीक्षण करना। IIHS के अंतर्वैषयिक पाठ्‌यक्रम विकास प्रक्रिया में भी अत्यधिक स्विस अभिरूचि है।

पाठ्‌यक्रम साझेदारियां

नगरीय वृत्ति में दो वर्षीय परास्नातक, नगरीय वृत्ति में एक पीएचडी, तथा नगरीय वृत्ति में एक चार वर्षीय स्नातक के विविध संस्करणों को विकसित करने के लिए IIHS ने एक बहुवर्षीय पाठ्‌यक्रम विकास प्रक्रिया भी अपनाई है। यह प्रक्रिया, IIHS के मुख्य संस्थागत भागीदारों-बोस्टन में एमआईटी, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन, केपटाउन में अफ्रीकन सेंटर फॉर सिटीज, साओ पाओलो में यूएफएबीसी, तथा अरूप के वैश्विक कार्यालयों-को भारत में सभी विषयों व वृत्ति क्षेत्रों के अनेक सलाहकारों, अध्येताओं व वृत्तिकारों के साथ एकजुट करेगी। परिणामस्वरूप एक अद्वितीय, समकालीन, अंतर-वैषयिक तथा बहुकेंद्रित नगरीय पाठ्‌यक्रम तैयार होगा जिसकी जड़ें भारतीय बस्तियों की वास्तविकताओं में होंगी तथा समूचे वैश्विक दक्षिण क्षेत्र में, तथा सिद्धांत व अभ्यास के पारंपरिक विभाजनों से परे, ठोस संवाद कायम होगा।

पाठ्‌यक्रम विकास प्रक्रिया को रॉकफेलर फाउंडेशन की ओर से $2mn के अनुदान से वित्तपोषित किया गया था।